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Saturday, 15 September 2012

श्री गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनायें !



सर्वप्रथम आप जानिए ''संकष्टनाशनस्तोत्रं '' के बारे में -

Ganesha Chaturthi Wallpapers''नारद'' जी कहते हैं -



''पहले मस्तक झुकाकर गौरिसुत को करें प्रणाम ;
आयु,धन, मनोरथ-सिद्धि ;स्मरण से मिले वरदान ;
'वक्रतुंड' प्रथम नाम है ;''एकदंत'' है  दूजा ;
तृतीय 'कृष्णपिंगाक्ष' है ;'गजवक्त्र' है चौथा ;
'लम्बोदर'है पांचवा,छठा 'विकट' है नाम,
'विघ्नराजेन्द्र' है सातवाँ ;अष्टम 'धूम्रवर्ण' भगवान,
नवम 'भालचंद्र' हैं ,दशम 'विनायक' नाम ,
एकादश 'गणपति' हैं ,द्वादश 'गजानन' मुक्तिधाम ,
प्रातः-दोपहर-सायं जो नित करता नाम-ध्यान ;
सब विघ्नों का भय हटे, पूरण होते काम  ,
बारह-नाम का स्मरण,सब सिद्धि करे प्रदान ;
ऐसी  महिमा प्रभु की उनको है सतत प्रणाम ,  
इसका जप नित्य करो ;पाओ इच्छित वरदान ;
विद्या मिलती छात्र को ,निर्धन होता धनवान ,
जिसको पुत्र की कामना उसको मिलती संतान ;
मोक्षार्थी को मोक्ष का मिल जाता है ज्ञान ,
छह मास में इच्छित फल देता स्तोत्र महान ,
एक वर्ष जप करने से होता सिद्धि- संधान ,
ये सब अटल सत्य है ,भ्रम का नहीं स्थान ;
मैं 'नारद 'यह बता रहा ;रखना तुम ये ध्यान ,
जो लिखकर स्तोत्र ये अष्ट-ब्राहमण को करे दान ;
सब विद्याएँ जानकर बन जाता है विद्वान .''


                    
प्रथम -पूजनीय -श्री गणेश [अष्ट विनायक ]

किसी भी कार्य को आरम्भ करने से पूर्व ''श्री गणेशाय नम: '' मन्त्र का उच्चारण समस्त विघ्नों को हरकर कार्य की सफलता को सुनिश्चित करता है .पौराणिक आख्यान के अनुसार -एक बार देवताओं की सभा बुलाई गयी और यह घोषणा की गयी कि-''जो सर्वप्रथम तीनों लोकों का चक्कर लगाकर लौट आएगा वही देवताओं का अधिपति कहलायेगा .समस्त देव तुरंत अपने वाहनों पर निकल पड़े किन्तु गणेश जी का वाहन तो मूषक है जिस पर सवार होकर वे अन्य देवों की तुलना में शीघ्र लौट कर नहीं आ सकते थे .तब तीक्ष्ण मेधा सम्पन्न श्री गणेश ने   माता-पिता [शिव जी व्  माता पार्वती ] की परिक्रमा की क्योंकि तीनों लोक माता-पिता के चरणों  में बताएं गएँ हैं .श्री गणेश की मेधा शक्ति का लोहा मानकर उन्हें 'प्रथम पूज्य -पद ' से पुरुस्कृत किया गया .

 ''अष्ट -विनायक ''
भगवान   श्री गणेश के अनेक   रूपों   की पूजा   की जाती  है .इनमे इनके आठ स्वरुप अत्यधिक प्रसिद्ध  हैं .गणेश जी के इन   आठ स्वरूपों   का नामकरण   उनके   द्वारा   संहार किये गए असुरों के आधार पर किया गया है 
                                             
... ashta...
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हे अष्टविनायक तेरी जय जयकार !
हे गणनायक !  तेरी जय जयकार  !
हे गौरी सुत ! हे शिव  नंदन !
तेरी महिमा  अपरम्पार   
हे अष्टविनायक तेरी जय जयकार  !
प्रथम विनायक   वक्रतुंड है सिंह सवारी  करता   ;
मत्सर असुर का वध कर दानव भगवन पीड़ा सबकी हरता ,
हे गणेश तेरी जय जयकार ! 
हे शुभेश तेरी जय जयकार !
द्वितीय विनायक एकदंत मूषक की करें सवारी ;
मदासुर का वध कर हारते विपदा सबकी भारी ,
हे गजमुख  तेरी जय जयकार 
हे सुमुख तेरी जय जयकार .
नाम महोदर तृतीय विनायक मूषक इनका  वाहन  ;
मोहसुर का नाश ये  करते इनकी महिमा पावन ,
हे विकट तेरी जय जयकार !
हे कपिल तेरी जय जयकार !
चौथे रूप में प्रभु विनायक धरते नाम गजानन ;
लोभासुर संहारक हैं ये मूषक इनका वाहन ,
हे गजकर्णक तेरी जय जयकार !
हे धूम्रकेतु तेरी जय जयकार ! 
Ashtavina...
प्रभु   विनायक  पंचम रूप लम्बोदर  का धरते ;
करें सवारी मूषक की क्रोधासुर  दंभ हैं हरते ,
हे गणपति तेरी जय जयकार !
हे गजानन तेरी जय जयकार ! विकट नाम के षष्ट विनायक सौर ब्रह्म के धारक ;
है मयूर वाहन इनका ये कामासुर संहारक ,
हे गणाध्यक्ष तेरी जय जयकार !
हे अग्रपूज्य तेरी जय जयकार !
विघ्नराज अवतार प्रभु का सप्तम आप विनायक ;
वाहन शेषनाग है इनका ममतासुर  संहारक ,
हे विघ्नहर्ता तेरी जय जयकार !
हे विघ्ननाशक तेरी जय जयकार !
धूम्रवर्ण हैं अष्टविनायक शिव ब्रह्म  रूप  प्रभु का ;
अभिमानासुर संहारक मूषक वाहन है इनका ,
हे महोदर  तेरी जय जयकार !
हे लम्बोदर तेरी जय जयकार !
                                               

                                श्री गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनायें !
                                              शिखा कौशिक 

Friday, 31 August 2012

एक बार लगा दे फेरा... हे जगदम्बे ! महारानी !


एक बार लगा दे फेरा... हे जगदम्बे ! महारानी !

Maa DurgaMaa DurgaMaa Durga

[पूरा सुने मेरी आवाज़ में  वीडियों से ] 
ये सुन ले अर्ज़ हमारी  हे जगदम्बे ! महारानी ! एक बार लगा दे फेरा  हम सबके घर  कल्याणी ! तेरे आने से माता  घर आँगन सब महकेगा ; तेरे दर्शन पाकर के  मन का पाखी चहकेगा ; फिर भक्ति रस में पगकर   फैलेगी गंध सुहानी ; एक बार लगा दे फेरा  हम सबके घर कल्याणी !                                                                    शिखा कौशिक  

Friday, 24 August 2012

जयकारा ...शेरोवाली का !


जयकारा      ...शेरोवाली    का !
Maa Durga

तेरी भक्ति पर भरोसा ;तेरी शक्ति   पर यकीन  ;
भर  देती झोली  खाली जो दर  पर  आता  दींन    ;
ये सूरज   चाँद   सितारे सब तेरे हैं आधीन  ; 
तेरे  नाम का डंका बजता अम्बर हो  या  जमीन  ;
जयकारा      ...शेरोवाली    का   ...जयकारा   ...जयकारा   !
    [पूरा  सुने  इस  वीडियो में मेरी  आवाज में ]

JAI MATA DI !


Jaya Jaya Devi (Amman songs )by P Suseela
                                        


        
                                 शिखा कौशिक 

Tuesday, 7 August 2012

कृष्ण जन्म अष्टमी पर शुभकामनाएं |

कृष्ण जन्म अष्टमी पर शुभकामनाएं | 

जसोदा तेरा लल्ला कितना सलोना है ,
पालने में झूलता चंदा सा खिलौना .
कान्हा को बाँहों का झूला झुलाएंगे ,
मीठी मीठी लोरी सुनाकर सुलायेंगें ,
ममता की बरखा से उसको भिगोना है .
जसोदा तेरा लल्ला ....
ले गोद  कान्हा को गोकुल घुमाएंगे ,
गैय्या दिखाएंगें उपवन घुमायेंगें ,
मखमल सा कोमल ये गोकुल का छौना है .
जसोदा तेरा लल्ला .....

कहते हैं सब ये जग का खिवैय्या है ,
हमारे लिए तो बस ये कन्हैय्या है ,
ये ही हमारा रत्न-धन-सोना है .
जसोदा तेरा लल्ला ....
                         शिखा कौशिक 
                    [भक्ति अर्णव ]

Tuesday, 10 July 2012

शिव शंकर को लगते हैं कावड़ये सबसे प्यारे !

शिव शंकर को लगते हैं कावड़ये  सबसे प्यारे !




File:Har-ki-Pauri during Kavad Mela, Haridwar.jpg

हमको गौरा प्यारी है  गौरा को शिव हैं  प्यारे ;
शिव शंकर को लगते हैं कावड़ये  सबसे प्यारे !
करते हैं स्वयं सुरक्षा पग  पग पर  कावड़यों   की ;
भर देते उनमे शक्ति  आगे बढ़ते रहने की ;
जय  शिव शंकर की कहते ही  मिटते  कष्ट हैं सारे !
                             जय गौरीनाथ की !
                           शिखा कौशिक

शिव शंकर को लगते हैं कावड़ये सबसे प्यारे !

शिव शंकर को लगते हैं कावड़ये  सबसे प्यारे !




File:Har-ki-Pauri during Kavad Mela, Haridwar.jpg

हमको गौरा प्यारी है  गौरा को शिव हैं  प्यारे ;
शिव शंकर को लगते हैं कावड़ये  सबसे प्यारे !
करते हैं स्वयं सुरक्षा पग  पग पर  कावड़यों   की ;
भर देते उनमे शक्ति  आगे बढ़ते रहने की ;
जय  शिव शंकर की कहते ही  मिटते  कष्ट हैं सारे !
                             जय गौरीनाथ की !
                           शिखा कौशिक

Sunday, 27 May 2012

उस अम्बे की जगदम्बे की करते हैं आराधना !

Maa DurgaMaa Durga



उस अम्बे की जगदम्बे की करते हैं आराधना  ;
जिसके चरणों में सिर धरकर  पूरी हो शुभकामना .

मधु कैटभ  संहारक  शक्ति;शुम्भ  -निशुभ की हन्ता है ,
उस नारायणी सर्वकारिणी  की महिमा  अनंता है ;
जो दुर्गुण  हरकर भर देती भक्तों में सद्भावना 
उस अम्बे की जगदम्बे की करते हैं आराधना !
                                                                    shikha kaushik 

Monday, 2 April 2012

हे भोले ! तेरे हम भक्त हैं ![भक्ति....]

हे भोले ! तेरे हम भक्त हैं ![भक्ति....]
Shivling Amarnath


अल्हड़  हैं ..अलमस्त हैं ;
हे भोले ! तेरे हम भक्त हैं ;
पर भव-सागर में फंसे हुए हैं ;
माया बंधन से कसे हुए हैं ;
रक्षा करो हे नाथ बाबा अलख निरंजन !
बोलो  बम बम बम...बाबा अलखनिरंजन !









धर्म का लोप हुआ ...त्रस्त है दुनिया सारी;
घटा पुण्य का मान ...पाप का पलड़ा भारी ;
अपने डमरू की डम डम से हर लो अघ का तम ;
बाबा अलख निरंजन ! बोलो बम बम बम !


धोकर सभी के पाप हुई गंगा मैली ;
संस्कार की बिगड़ गयी सब भाषा शैली ;
हर लो संकट आकर अब  मेरे भगवन !
बाबा अलख निरंजन ! बोलो बम बम बम !




सारा जग द्वेष की आग में धू धू जलता 
तुम्ही  करो उद्धार जगत के कर्ता -धर्ता  ;
तुम तो हो उद्धारक और हम हैं अधमाधम ;
बाबा अलख निरंजन !बोलो बम बम बम 
                                                     जय गौरी शंकर की !
                                                      जय भोलेनाथ की !


                             शिखा कौशिक 

Wednesday, 7 March 2012

राधा- श्याम फागुन में मानते हैं होली !


होली पर्व   की हार्दिक  शुभकामनायें  !



राधा- श्याम फागुन में मानते हैं होली !

 ब्रज का छोरा , बरसाने की छोरी ,
                                                         कान्हा मीठा बेर , राधा गन्ने की पोरी ,
                                                          श्याम संग राधा लगें कितनी सलोनी ,
                                                                फागुन में दोनों मानते हैं होली !
                                                  [पूरा  सुने ऊपर दिए  वीडियों पर क्लिक कर ]

                                                                                            शिखा कौशिक 


Thursday, 1 March 2012

जय श्री राधेकृष्ण !


नन्हा  सा  कान्हा  चले  है  ठुमककर ;
माता  जसोदा  देंखें हुलसकर  ;


चलते  हुए  जब  जरा   डगमगाए   ;
माँ  का  हिया   बड़ा  घबराये  ;
बाँहों  में  भर  लेती  हैं  दौड़कर  !


पैय्या  के  घुंघरू जो छम छम छमकते ;
किलकारी मार  कान्हा कितने मचलते ;
लेती बलैय्याँ   माँ है झूमकर ! 



आँगन में आई एक चिड़िया गौरैय्या  ;
उसको पकड़ने को दौड़ें  कहैय्या ;
फुर्र से उडी ..देंखें हैं चौककर !

                                                           
                                                    नटखट कन्हैय्या की मोहक अदाएं ;
                                                   गोकुल के नर-नारी  ....सबको  लुभाएँ ;
                                                माँ-बाबा गोद लेते भाल चूमकर ! 
                                           नन्हा सा कान्हा चले है ठुमककर !
[sabhi photos google से sabhar ]
                                                           shikha kaushik   

Saturday, 25 February 2012

एक बार लगा दे फेरा... हे जगदम्बे ! महारानी !

एक बार लगा दे फेरा... हे जगदम्बे ! महारानी !

Maa DurgaMaa DurgaMaa Durga


ये सुन ले अर्ज़ हमारी 
हे जगदम्बे ! महारानी !
एक बार लगा दे फेरा 
हम सबके घर  कल्याणी !

Maa DurgaMaa DurgaMaa Durga

तेरे आने से माता 
घर आँगन सब महकेगा ;
तेरे दर्शन पाकर के 
मन का पाखी चहकेगा ;
फिर भक्ति रस में पगकर  
फैलेगी गंध सुहानी ;
एक बार लगा दे फेरा 
हम सबके घर कल्याणी !
[पूरा सुने ऊपर दिए गए वीडियों से ]
                                       शिखा कौशिक